MBA पास युवक ने यूट्यूब से सीखकर लैब मे शुरू की मशरूम की खेती, आज हर महीने कमा रहे लाखों

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भारत में 2020 के समय में लॉकडाउन एक ऐसा समय था जब अचानक से बहुत लोग बेरोजगार हो गए। बेरोजगार होने के बाद जहां इनके खाने पीने और परिवार पर आफत आ गई वही कुछ लोगों ने इसे अवसर के रूप में लिया और अपना व्यवसाय शुरू किया। जिसके बाद आज यह हर महीने अच्छी कमाई के साथ-साथ अन्य लोगों की भी प्रेरणास्रोत बन गया है।

कम लागत में पैरा मशरूम की खेती

कुछ ऐसा ही कारनामा उत्तर प्रदेश के एक युवक ने किया। उन्होंने पहले एमबीए पास कर नौकरी की लेकिन लॉकडाउन के समय इनकी जॉब चली गई जिसके बाद इन्होंने यूट्यूब से सीखकर मशरूम की खेती शुरू की और आज लाखों रुपए का मुनाफा कमा रहे हैं।

बता दें कि यह कारनामा उत्तर प्रदेश के इटावा जनपद के विकास खंड महेवा में एक शख्स ने कमाल कर दिखाया है। यहां के राहतपुर गांव के युवक गौरव कश्यप ने बी फार्मा और एमबीए की पढ़ाई करने के बाद प्राइवेट कंपनी में जॉब की और मार्केटिंग का भी काम किया।

कब और कैसे शुरू करें मशरूम की खेती - Mushroom Farming Business »  Agriculture Hindi

लेकिन कोविड-19 काल के दौरान लॉकडाउन लगा तो उनकी नौकरी चली गई। जिसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म यूट्यूब से मशरूम की खेती शुरू की शुरुआत में तो उन्हें रिस्पांस नहीं मिला लेकिन धीरे-धीरे उनकी मेहनत रंग लाई और आज वह अपने मशरूम को 3 लाख रुपए किलो बेचकर एक अच्छा खासा मुनाफा कमा रहे हैं।

प्रोटीन की मात्रा अधिक होने से अचानक बढ़ी मशरूम की मांग

गौरव बताते हैं कि साल 2020 मे आई आपदा के बाद लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत हो गए। वहीं इसके साथ-साथ मशरूम में प्रोटीन मिनरल्स की मात्रा अधिक होने के कारण अचानक से बाजार में मशरूम की मांग बढ़ गई। इसके साथ ही भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मशरूम का जिक्र कर इसे पूरे देश में पॉपुलर बना दिया जिसके कारण गौरव का बिजनेस एकाएक चल पड़ा। वही इस मशरूम के सेवन से ही कई तरीके के विटामिन्स, प्रोटीन एवं अन्य पोषक तत्व शरीर को मिलते हैं। इससे आपका शरीर निरोग और चमकदार रहता है। साथ ही इसके लगातार सेवन करने से इंसान हमेशा तरोताजा दिखता है। ऐसे में वह बढ़ती उम्र के मुकाबले कम वायु का देखने लगता है।

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2018 में शुरू किया बिजनेस नहीं मिला रिस्पांस, लेकिन गौरव ने नहीं मानी हार

गौरव कश्यप ने बताया कि इसकी खेती की शुरुआत उन्होंने 2018 में पहली बार की थी। लेकिन उस समय अच्छा रिस्पांस नहीं मिला। नौकरी जाने के बाद डॉक्टरों की सलाह और यूट्यूब की मदद से फिर मैंने इसका उत्पादन शुरू किया। अपने ही गांव में लैब बनाने के बारे में सोंचा। इसके बाद मैंने गांव में ही 20 लाख रुपए की लागत से मशरूम को तैयार करने के लिए लैब को तैयार किया। लैब के अंदर टेंपरेचर मेंटेन करने के लिए ऐसी लगाई। साथ ही ह्यूमिडिटी फायर सिस्टम भी लगाया गया जो कि नमी को बरकरार रखता है।

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60 हजार रुपए किलो बिकता है मशरूम, 10 लोगों को रोजगार दे रहे हैं गौरव

गौरव ने बताया कि कोर्डिसेप्स मिलीटेरिस मशरूम की कीमत 60 हजार रुपये किलो होती है। जब जैसी डिमांड हो उसी हिसाब से इसका मूल्य रहता है। वही इस उत्पादन के माध्यम से मैं व मेरे भाई सहित 10 लोगों को रोजगार मिल रहा है, जिसमें से 4 से अधिक लोगों को दिल्ली में ही मार्केटिंग का काम दे रखा है। ये लोग दिल्ली में मेडिकल लाइन से जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि इस तरीके की लैब इटावा जनपद के आसपास कहीं नहीं है।