झारखंड का पहला अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनकर हुआ तैयार, जानिए किन शहरों के लिए शुरू होगी विमान सेवा

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भारत में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के द्वारा हवाई परिवहन के विकास पर अधिक जोर दिया जा रहा है। देश के लगभग हर छोटे-बड़े शहरों में एयरपोर्ट बनाने की प्रक्रिया जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को दिल्ली से सटे यूपी के ग्रेटर नोएडा में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शिलान्यास किया है। यह पूरे देश के लिए अच्छी खबर है। यह अगले तीन साल में देश ही नहीं एशिया का सबसे बड़ा आधुनिक एयरपोर्ट होगा। इसी बीच झारखंंड के लिए खुशी की खबर है। बता दें कि देवघर इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनकर तैयार हो चुका है। इसका शिलान्यास भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था।

जानकारी के अनुसार यह झारखंड का पहला अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट होगा। इसके पहले रांची एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की मान्यता प्राप्त नहीं है। बता दें कि देवघर एयरपोर्ट का शिलान्यास 25 मई 2018 को प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा किया गया था। जानकारी के अनुसार देवघर एयरपोर्ट का 2500 मीटर का रनवे बनकर तैयार है। इस पर एज लाइट लगाई जा चुकी है। एयर ट्रैफिक कंट्रोल का ट्रायल हो चुका है। टर्मिनल का काम लगभग पूरा हो चुका है। देवघर एयरपोर्ट पर 180 यात्रियों की क्षमता वाला विमान उतर सकता है। इसके साथ साथ अभी प्रतिदिन चार विमान की सेवा शुरू होने की संभावना है।

बताया जा रहा है कि यात्रियों की संख्या में वृद्धि को देखते हुए आने वाले समय में देवघर एयरपोर्ट से अधिक हवाई विमानों को रवाना किया जा सकता है। वही विमान कंपनियों की बात करें तो देवघर एयरपोर्ट से स्पाइसजेट इंडिगो और एयर एशिया की फ्लाइट उड़ान भरते हुए नजर आएंगे। वही तत्काल समय के लिए देवघर एयरपोर्ट एटीआर 73 का परिचालन शुरू हो सकता है। यहां से फिलहाल कोलकाता, नई दिल्ली, रांची और पटना के लिए हवाई सेवा शुरू करने की तैयारी चल रही है।

बता दें कि देवघर एयरपोर्ट की इमारत पर बाबा बैद्यनाथ मंदिर की प्रति आकृति उकेरी गई है। इस पर ब्रास से पंचशूल बनाया गया है जो दूर से ही दिखता है। रनवे पर जहाज उतरेगा तो बाबा बैद्यनाथ का मंदिर दिखने लगेगा। जानकारी के अनुसार 12 अगस्त को कैलिब्रेशन फ्लाइट से रनवे की जांच करने पहुंची एयरपोर्ट आथरिटी आफ इंडिया की टीम ने सबसे पहले बाबा बैद्यनाथ का दर्शन किया था। वही इसके टर्मिनल और एटीसी का काम पूरा हो चुका है। मानक के अनुरूप तेजी से कार्यों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।