बिहार कृषि अनुदान लेने के लिए किसान 30 नवंबर तक करें आवेदन, प्रत्येक किसान के खाते में आएंगे 18000 रुपए

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बिहार सरकार ने बिहार के किसानों को राहत देते हुए बिहार कृषि इनपुट अनुदान का लाभ लेने की सीमा को बढ़ा दिया है। बता दें कि आप बिहार के किसान इस सेवा का लाभ लेने के लिए 30 नवंबर तक आवेदन कर सकते हैं। जानकारी के अनुसार पहले आवेदन की अंतिम तिथि 25 नवंबर थी लेकिन किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए आवेदन की तिथि को 30 नवंबर तक विस्तारित कर दिया गया है। बता दें कि बिहार सरकार की योजना बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण किसानों की बर्बाद फसलों के लिए उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान करने हेतु चलाई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, डीबीटी पोर्टल पर किसान अब सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक आवेदन कर सकते हैं। इससे पहले अब तक इस योजना के अंतर्गत सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक ही कृषि इनपुट योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करने की सुविधा थी। इसके साथ ही ऑनलाइन आवेदन के लिए प्रमंडल वार डीबीटी पोर्टल पर अलग से लिंक की व्यवस्था की जा रही है, जिससे एक समय में ज्यादा से ज्यादा किसानों को आवेदन करने में आसानी हो सके। बताया जा रहा हैं की बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित 30 जिलों के 11,45,745 किसानों ने कृषि इनपुट अनुदान का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है। इसके साथ साथ परती भूमि के कारण हुए नुकसान से प्रभावित 17 जिलों के 93,699 किसानों ने ऑनलाइन आवेदन किया है।

बता दे की कृषि विभाग की तरफ से वर्षाश्रित (असिंचित) फसल क्षेत्र के लिए 6,800 रुपए प्रति हेक्टेयर और सिंचित क्षेत्र के लिए 13,500 रुपए प्रति हेक्टेयर अनुदान दिया जाएगा। शाश्वत फसल (गन्ना सहित) के लिए 18,000 रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से कृषि इनपुट अनुदान दिया जाएगा। इसी तरह से परती भूमि के लिए भी 6,800 रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से कृषि इनपुट अनुदान दिया जाएगा। वही सरकार की रिपोर्ट की माने तो बिहार के 30 जिलों 265 प्रखंडों की 3229 पंचायतों के किसानों की बाढ़/अतिवृष्टि से फसल क्षति हुई है। इसी प्रकार खरीफ फसल में राज्य के 17 जिलों के 149 प्रखंडों की 2131 पंचायतों के किसानों के खेत बाढ़/अतिवृष्टि के कारण भूमि परती भी रह गई है, जिसके बाद इन जिलों के प्रभावित किसानों को सरकार द्वारा कृषि इनपुट अनुदान का लाभ दिया जाएगा।