Video : जलस्तर बढ़ने के कारण 13 करोड़ की लागत का निर्माणाधीन पुल का कुछ हिस्सा बाढ़ में बहा !

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गया में उस समय बिहार सरकार के दावो की पोल खुल गई जब 13 करोड़ की लागत से बन रहा निर्माणाधीन पुल का कुछ हिस्सा जो सेंट्रिंग का पार्ट था वह आज गया के निरंजना नदी में गिरकर समा गया हैं. इस घटना के बाद लगातार ही बिहार सरकार पर सवाल उठ रहा हैं. जानकारी के अनुसार, यह मामला 30 जुलाई का हैं जब निरंजना नदी पर निर्माणाधीन पुल का कुछ हिस्सा आज नदी के जलस्तर के बढ़ने से अचानक गिर गया हैं. बताया जा रहा हैं की पुल का निर्माण 6 वर्षों से चल रहा था लेकिन आज इसका निर्माण कार्य पूरा नहीं किया जा सका है।

जानकारी के अनुसार, यह पुल 13 करोड़ की लागत से गया के दोभी प्रखंड के कोठवारा के पास निर्माण किया जा रहा था. इस पुल परयोजना का शिलान्यास 2015 में पूर्व विधायक विनोद यादव के द्वरा किया गया था लेकिन छह साल के बाद भी इसका निर्माण नही हो पाया हैं. बता दे की अभी तक केवल नदी के पुल का सिर्फ 16 पिलर ही खड़े किए गए थे. इस घटना के बाद जहां बिहार सरकार सवालों के घेरे में हैं वही सोशल मिडिया पर इस पुल के गिरने का विडियो भी खूब वायरल हो रहा हैं और इसकी वीडियो एक ट्व्टर यूजर शेयर भी किया है।

जानकारी के अनुसार, इस परियोजना का निर्माण नाबार्ड योजना के तहत कराया जा रहा था. वही तिरुपति बालाजी कंस्ट्रक्शन कंपनी को पुल के निर्माण का टेंडर दिया गया था. बता दे की घटना के बाद यह कंपनी अब सवालों के घेरे में हैं और इसकी जांच के आदेश दिए जा चुके हैं इसको लेकर ग्रामीण कई बार विरोध भी जता चुके हैं. जिसके कारण कई बार इस काम को रोकना भी पड़ा था।

उधर गया समाहार न्यायालय की तरफ से एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके यह साफ कर बताया गया है कि सोशल मीडिया समाचार पत्रों में प्रकाशित डोभी प्रखंड अंतर्गत ग्रामीण कार्य विभाग शेरघाटी द्वारा स्पष्ट बताया गया है कि निर्माणाधीन पुल का नहीं बल्कि सेंटरिंग के समीप तार का पेड़ आने के कारण सेंटरिंग का कुछ भाग भारी बहाव के कारण गिरा है इसके साथ-साथ कार्यपालक अभियंता ने बताया कि उनका कोई भाग छतिग्रस्त नहीं हुआ है केवल सेंटरिंग का कुछ भाग गिरा है जो भविष्य में पुल की ढलाई हेतु सेंटरिंग लगाया जाता था।