बिहार की गरिमा ने बढ़ाया बिहार का मान, क्लैट की एग्जाम में बनी स्टेट टॉपर जानिए

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भारत में लॉक कॉमन एडमिशन टेस्ट जिसे सामान्य भाषा में क्लैट कहा जाता है उसका रिजल्ट बुधवार देर प्रकाशित किया जा चुका है। अभ्यर्थी अपने परीक्षा का परिणाम फ्लैट की ऑफिशियल वेबसाइट clatconsortiumofnlu.ac.in पर जाकर देख सकते हैं। बात करें बिहार की तो इस परीक्षा में बिहार की बेटियों का जलवा रहा। जानकारी के अनुसार बिहार की  गरिमा बंका बिहार के टॉपर बनी। इसके साथ साथ पश्चिम चंपारण के अरुणोदय को दूसरा और खगड़िया के मयंक को तीसरा रैंक प्राप्त हुआ है।

तस्वीरो में गरिमा अपने परिवार के साथ

भागलपुर की गरिमा बानी टॉपर जानकारी के अनुसार बिहार के भागलपुर की रहने वाली गरिमा का ऑल इंडिया रैंकिंग में नौवां स्थान रहा है। बता दें कि उनको 113.02 अंक मिले हैं जबकि अरुणोदय का आॅल इंडिया रैंक 21 रहा। जानकारी के अनुसार उनको 109.75 अंक मिले हैं. बात करें बिहार के थर्ड टॉपर मयंक की तो उनका आॅल इंडिया रैंक 97 प्राप्त हुआ। जानकारी के अनुसार मयंक को 102.50 अंक प्राप्त हुए हैं।

बता दें कि भारत में क्लैट के आयोजन के बाद सीएनएलयू ने यूजी और पीजी दोनों ही के लिए प्रोविजिनल आंसर की 23 जुलाई को जारी कर दिया था। जिसके बाद बोर्ड ने स्टूडेंट्स से आपत्ति मांगी थी। जानकारी के अनुसार आपत्तियों की समीक्षा करने के पश्चात सीएनएलयू ने क्लैट यूजी 2021 के प्रश्न संख्या 143 को रद्द करने का निर्णय लिया था। इसके साथ ही बताया जाता है कि बोर्ड ने प्रश्न संख्याओं 61, 86, 98 और 145 के पहले जारी आंसर की में संशोधन किया था। इसके साथ ही बिजी परीक्षा 2021 के भी प्रश्न संख्या 116 में संशोधन करते हुए बदलाव किया गया है।

क्या पढ़ना है, कैसे करनी है तैयारी, यह तय कर गरिमा ने पाई सफलता क्लैट में देश में नौवां स्थान और राज्य में पहला स्थान हासिल करने वाली गरिमा के माता-पिता ने कभी दबाव नहीं बनाया। उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि क्या पढ़ना है और कौन सा कॅरियर चुनना है। गरिमा के पिता राजेश कुमार बंका ने बताया कि आमताैर पर बच्चे सीए, मेडिकल या इंजीनयिरिंग का फील्ड चुनते हैं। लेकिन गरिमा काे इनमें रुचि ही नहीं थी

12वीं के बाद जब उससे आगे की पढ़ाई पर चर्चा हुई ताे उसने लाॅ का फील्ड बताया। मुझे भी लगा कि लाॅ के फील्ड में कॅरियर का बेहतर विकल्प है। न्यूज चैनलाें और अखबाराें में अक्सर खबरें आती थीं कि कैसे अपने देश में लाॅ के क्षेत्र में जजाें और वकीलाें की कमी है। इसलिए जब उसने लाॅ में कॅरियर की बात कही ताे मैंने भी हां कर दी।