पटना हाईकोर्ट ने जारी किया फरमान, राज्य के कितने IAS और IPS के बच्चे बिहार के सरकारी स्कूल में अध्ययनरत तैयार करें रिपोर्ट, जानिए क्या है पूरा मामला

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पटना हाई कोर्ट के निर्देशों पर बिहार सरकार इन दिनों एक बड़ा कदम उठा रही है. बता दें कि शिक्षा विभाग बिहार के सभी जिलों के स्कूलों से काकड़ा एकत्रित करने में लगा हुआ है. सुनने में यह आंकड़ा बहुत अनोखा प्रतीत होता है. बता दें कि पटना हाईकोर्ट ने बिहार सरकार की शिक्षा विभाग को यह निर्देश दिया है कि 38 जिलों में संचालित सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) एवं श्रेणी-1 तथा श्रेणी-2 के पदाधिकारियों के बच्चों का डाटा को तैयार किया जाए. इसी कड़ी में शिक्षा विभाग इन आंकड़ों को तैयार करने में जुटा हुआ है.

जानी आखिर क्या है पूरा मामला बता दें कि शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार ने सभी जिलों के डीएम को यह आदेश दिया है कि इस संबंध में सरकारी स्कूलों के आंकड़े को जल्द से जल्द उपलब्ध कराया जाए. इसका कारण यह है कि कौशल किशोर ठाकुर नाम के व्यक्ति ने पटना हाईकोर्ट में बिहार राज्य के खिलाफ जनहित याचिका दायर करते हुए इस आंकड़े की मांग की थी. उसी मामले में अपर मुख्य सचिव ने यह आदेश जारी करते हुए कहा है माननीय पटना उच्च न्यायालय द्वारा 13 जुलाई 2021 को पारित अंतिरम आदेश में यह निर्देश दिया है कि राज्य में पदस्थापित आईएएस, आईपीएस, श्रेणी 1 व श्रेणी 2 के पदाधिकारियों के कितने राज्य सरकार द्वारा संचालित विद्यालयों में अध्ययन कर रहे हैं इसका पूरा आंकड़ा तैयार किया जाए।

4 अगस्त को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट में पेश की जाएगी रिपोर्ट जानकारी के अनुसार आगामी 4 अगस्त को शाम 4:00 बजे 4 बजे राज्य के सभी डीएम व सभी एसपी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग में इसकी अंतिम समीक्षा करेंगे और इसके बाद ही पटना हाई कोर्ट में यह रिपोर्ट पेश की जाएगी. बता दें कि शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव ने सभी डीएम व एसपी से अनुरोध किया है कि इसको लेकर विस्तृत विवरणी तैयार करने की कार्रवाई अपने स्तर से आरंभ करते हुए जल्दी-जल्दी इस रिपोर्ट को तैयार कर ले।

सोर्स हिंदुस्तान