रसगुल्लात के शौकीन तो जानिए गया के ‘गलफार रसगुल्ला’ के बारे में, सीएम से लेकर पीएम ले चुके हैं आनंद

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अगर आप मिठाई खाना पसंद करते हैं तो आपके कभी ना कभी रसगुल्लात जरुर ही खाया होगा. वैसे में हम आज आपको बिहार के एक ऐसे रसगुल्ला की दुकान के बारे में बताने जा रहे हैं जो की भारत के साथ साथ पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हैं. इतना ही नही बिहार के मुख्यमंत्री से लेकर भारत के प्रधानमंत्री ने भी इस दुकान के रसगुल्ला के आनंद ले चुके हैं. बता दे की गया के पंचानपुर स्थित पंडितजी की दुकान में बने रसगुल्लेस पुरे भारत में फेमस हैं.

गया के इस जगह पर मिलता है यह रसगुल्ला जानकारी के अनुसार, यह दुकान गया के जिला मुख्यालय से 18 किलोमीटर पश्चिम पंचानपुर मोड़ पर हैं. बता दे की इस दुकान के रसगुले का नाम ‘गलफार रसगुल्ला’ हैं. बता दे की इस दुकान का स्वाद पुरे भारत में मशहुर हैं. इतना ही नही पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी से लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी इसका स्वाद ले चुके हैं।

कई बड़े राजनेता मिठाई का आनंद ले चुके है बता दे की आज यह दुकान गया की सबसे फेमस मिठाई की दुकान हैं. आज हर वर्ग के लोग इसे खाना पसंद करते हैं. इतना ही नही इस दुनक पर लालकृष्ण आडवाणी, गिरिराज सिंह, पूर्व राज्य पाल निखिल कुमार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव भी आकर मिठाई का आनद ले चुके हैं।

क्या बताते है पंडितजी बताते हैं की मिठाई खाने के शौकीन पंडितजी की दुकान का गलफार रसगुल्लाम खाने के लिए दूर-दूर से आते हैं. बता दे की दुकान में इस 50 ग्राम से लेकर डेढ़ किलो तक का रसगुल्लाू मिलता है. पंडित रामचंद्र मिश्र ने मार्च 1969 में पंचानपुर मोड़ पर झोपड़ी में दुकान खोली थी. रामचंद्र मिश्र का 1999 में निधन हो जाने के बाद उसके बाद उनके चार पुत्रों ने इसको आगे ले गए जो की आज तक जारी हैं।

बता दे की उनके पुत्र अनिल कुमार मिश्र बताते हैं की किशहर के गांधी मैदान के पास पिताजी ने बिजली ऑफिस के बगल में एक दुकान खोली थी. लेकिन शहर में शुद्ध दूध नहीं मिल मिलने के कारण एक माह में दुकान बंद करनी पड़ी थी. बता दे की आज भी उसी पुराने तारीखे से रसगुल्ला बनाया जाता है इसमें शुद्धता का पूरा ख्याल रखा जाता है 50 ग्राम का रसगुल्ला बनाने में लगभग आधे घंटे का समय लगता है।