जल्द ही बाजार में आएगा स्मार्ट कम्पोजिट सिलिंडर, सिलेंडर खत्म होने की समस्या से मिलेगी मुक्ति सबसे पहल इन ज़िलों को मिलेगा लाभ

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आजकल लगभग सभी के घर में खाना बनाने के लिए रसोई गैस के सिलेंडर का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन कभी-कभी यह सिलेंडर हमारे लिए सिरदर्द भी बन जाता है क्योंकि हमें इस बात का ठीक से पता नहीं होता है कि हमारा रसोई गैस सिलेंडर कब खत्म हो जाएगा कभी-कभी तो खाना बनाने के दौरान ही सिलेंडर खत्म हो जाता है जिसके बाद हमें काफी समस्या का सामना करना पड़ता है वैसे में भारतीय ऑयल निगम हमारे लिए इस समस्या का समाधान लेकर आने वाला है जल्द ही बिहार में यह सिलेंडर मिलने वाला है ।

जल्द बाजार में आएगा स्मार्ट कम्पोजिट सिलिंडर, ऐसे करेगा काम जानकारी के अनुसार, स्मार्ट प्रीपेड मीटर की तर्ज पर स्मार्ट सिलिंडर को भी लगाने का कार्य राज्य सरकार के द्वारा जल्द से जल्द शुरू किया जा सकता है . जानकारी के अनुसार इंडियन ऑयल निगम जल्द ही मार्केट में स्मार्ट रसोईघर सिलेंडर लाने जा रहा है . बता दे कि इसका नाम स्मार्ट कम्पोजिट सिलिंडर होगा. स्मार्ट सिलिंडर की सबसे ख़ास बात यह होगी कि महिलाओं को उनकी सबसे बड़ी परेशानी से छुटकारा मिल जायेगा, क्यूंकि आपको इस सिलिंडर से पता चल जायेगा की सिलिंडर में कितनी गैस बची हुई हैं. इसी स्मार्ट सिलेंडर में एक सेंसर लगा होगा जो कि आपको बता देगा कि इस समय आपके सिलेंडर में कितनी गैस बची हुई है. हालांकि इंडियन ऑयल निगम ने यह बताया है कि अभी हमारे पास केवल 5 किलो वाले ही स्मार्ट सिलेंडर उपलब्ध है पर जल्द ही इसे घरों में प्रयोग होने वाले रसोई गैस के रूप में भी बनाया जाएगा।

बिहार में कब होगा उत्पादन और कितना देना होगा शुल्क जानकारी के अनुसार सबसे पहले बिहार के पटना, मुजफ्फरपुर और गया जिलों में इस सिलेंडर के प्रयोग की अनुमति दी जाएगी. आगे इसकी सफलता को देखते हुए पूरे बिहार में इस सिलेंडर को प्रयोग में लाया जाएगा. बात करें इसके शुल्क की तो ग्राहकों को 10 किलो वाले सिलेंडर के लिए 3350 और 5 किलो वाले सिलेंडर के लिए 2150 रुपए देने होंगे. इसके साथ-साथ आप अपने पुराने सिलेंडर से इसे एक्सचेंज भी करवा सकते हैं।

जानिए किस तकनीकी पर काम करता है स्मार्ट सिलेंडर भारतीय ऑल निगम ने यह जानकारी देते हुए बताया कि अभी यह सिलेंडर दिल्ली और हैदराबाद जैसे शहरों में उपलब्ध है लेकिन जल्द से जल्द इस स्मार्ट सिलेंडर को पूरे भारत में प्रयोग में लाया जाएगा इसके साथ ही फिलहाल यह सिलिंडर केवल पांच और 10 किलों के साइज़ में उपलब्ध है बात करें इसकी तकनीकी तो कम्पोजिट सिलेंडर साधारण सिलेंडर से अधिक मज़बूत और सुरक्षित है. इसका निर्माण तीन परतों में किया गया हैं. इनका वजन स्टील के सिलिंडर की तुलना में लगभग आधा होता है. इसके साथ ही सिलेंडर के कुछ हिस्से पारदर्शी होंगे, जिससे ग्राहक आसानी से देख पायेंगे कि कितनी गैस बची है।