इंसानियत : मैंने अपना जिंदगी जी लिया मेरी बेड इस महिला के पति को दिया जाए

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हॉस्पिटल में भर्ती 80 साल के एक बुजुर्ग ने यह आग्रह किया कि मैंने अपनी जिंदगी जी ली है अब मेरा आईसीयू बेड इस महिला के पति को दे दिया जाए दरअसल यह इंसानियत देखने के लिए मिली महाराष्ट्र के नागपुर में जहां पर एक 80 साल के बुजुर्ग कोरोना से संक्रमित हुए थे जिसके बाद उनके परिजन उनके लिए किसी भी तरह से एक आईसीयू बेड की व्यवस्था की व्यवस्था होने के बाद वह इलाज में चले गए लेकिन तभी एक महिला आई और वह रोने लगी क्योंकि उसके 40 वर्ष के पति को करोना हुआ था और वह गंभीर था जिसके बाद उसके पति को एक आईसीयू बेड की जरूरत थी ।

इसे देखने के बाद 80 साल के बुजुर्ग ने हॉस्पिटल प्रशासन से आग्रह किया की उनकी आईसीयू बेड उस औरत की पति को दे दिया जाए क्योंकि मैंने अपनी जिंदगी जी है उसके बाद उन्होंने उस आईसीयू बेड को छोड़ कर अपने घर के लिए लौट आए आपको बता दूं कि वह अपने घर लौटने के बाद तीन दिन बाद उनकी जान चली गई उनका ऑक्सीजन लेवल करीब-करीब 60 बताया जा रहा था आपको बता दूं कि हॉस्पिटल प्रशासन ने उस बुजुर्ग से एक स्वेच्छा पत्र पर साइन भी करवाया जिसमें लिखा था कि मैं अपना बेड अपनी स्वेच्छा से दे रहा हूं।