अक्टूबर से पटना में नहीं चलेगी डीजल ऑटो, 3800 लोगों को रोजगार का अवसर जाने नीतीश सरकार के 10 बड़े फैसले

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बिहार में नीतीश सरकार की कैबिनेट की बैठक पूरी हो चुकी है जिसमें नीतीश सरकार ने 10 अहम फैसले सुनाए हैं जिसमें बिहार के सभी जिलों और अनुमंडल अस्पताल में कैंटीन अब जीविका दीदी के हाथों दे दी गई है जिसे दीदी की रसोई के नाम से या कैंटीन चलाई जाएगी इसके साथ ही प्रति मरीज को भोजन और 100 रुपए से बढ़ाकर 150 रुपए कर दिया गया है इन सब का निर्णय मंगलवार को हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में ली गई है।

इसके साथ-साथ कैबिनेट में यह भी निर्णय ली गई है कि जल जीवन हरियाली अभियान के तहत नवजीत और विकसित सर्वजनिक जलाशय का रखरखाव और प्रबंधक भी अब जीविका दीदी के हाथों सौप दिया जाएगा कैबिनेट ने इसकी भी स्वीकृति दे दी है वहीं दूसरी तरफ बिहार में बेरोजगारी को देखते हुए राजस्व भूमि सुधार विभाग में 3883 पद पर नियुक्ति की जाएगी कैबिनेट की बैठक में इन पदों के सृजन की स्वीकृति भी दे दी गई है इसमें सबसे अधिक 3738 पद डाटा एंट्री ऑपरेटर ग्रेड ए के होंगे जिसमें 139 पद डाटा एंट्री ऑपरेटर ग्रेड सी के पद होंगे।

इसके साथ-साथ पटना नगर निगम तथा दानापुर खगौल फुलवारी शरीफ नगर परिषद क्षेत्र में 30 सितंबर 2021 के मध्य रात्रि तक ही डीजल ऑटो चल सकेंगे 1 अक्टूबर से इसके परिचालन पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा पूर्व में निर्णय लिया गया था कि पटना नगर निगम 31 जनवरी तथा उक्त तीनों नगर परिषद 31 मार्च 2021 के मध्य रात्रि तक डीजल ऑटो पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा इसी बीच सभी डीजल और पेट्रोल ऑटो सीएनजी में बदलना था इसमें देरी होने की वजह से इसे बढ़ा दिया गया है।

इसके साथ-साथ बिहार कैबिनेट में कुछ अन्य फैसले भी लिए गए हैं जिसमें केंद्रीय चयन पार्षद सिपाही भर्ती के अध्यक्ष व सदस्य 65 साल तक की आयु में नियुक्त हो सकेंगे इसका कार्यकाल 3 सालों तक होगा इसके साथ साथ 10394 वार्डों में नल जल निश्चय योजना के लिए 300 करोड़ देने की स्वीकृति भी प्रदान की गई है इसके अलावा 14 सालों से भी अधिक दिनों से गैर हाजिरी रहने पर दो चिकित्सक डॉक्टर राय ज्ञानेश्वर नाथ और डॉक्टर मनोज कुमार राठौर को बर्खास्त किया गया इसके साथ साथ स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शौचालय निर्माण के लिए मध्य में 418 करोड़ की स्वीकृति मिली इसके साथ साथ न्याय मंडलों में गठित 39 फास्ट ट्रैक कोर्ट के लिए 39 पीठासीन पदाधिकारी और अन्य के मानदेय के लिए 4.5 करोड़ की स्वीकृति दी गई।