बिहार के इन शहरों की हवा और पानी कचरा सुधरने को लेकर खर्च होगा करीब 2 हजार करोड़

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बिहार के अधिकांश शहर वायु प्रदूषण और गंदगी का शिकार हो रही है जिस वजह से दुनिया का सबसे प्रदुसती शहरों के लिस्ट में बिहार के सिटी आते है वही दूसरी तरफ हाल में ही स्वच्छता सर्वे 2020 में राजधानी पटना देश की सबसे गंदा शहर था वह बिहार के करीब तीन शहर सबसे गंदा शहर के लिस्ट में शामिल था वही इसी को देखते हुए बिहार के तमाम शहरों की हवा और पानी और कचड़ा के सुधार को लेकर 2416 करोऱ रुपए खर्च किए जाएंगे आपको बता दूं कि यह राशि 15वें वित्त आयोग के अनुशंसा पर केंद्र सरकार ने बिहार को अनुदान के तौर पर दिया है।

 

 

वही इस राशि को देने का एक ही मकसद है कि शहरी निकायों को ठोस अपशिष्ट प्रबंध को दुरुस्त किया जाए इसके साथ-साथ केंद्र के द्वारा मिल रही इस राशि से पूरी तरह से वायु प्रदूषण घटाने और बेहतर जल प्रबंधन और पोस्ट अक्षित कचरा प्रबंधन का प्रबंधन पर काम किया जाएगा आपको जानकारी के लिए अभी बता दो कि बिहार में 142 शहरी निकाय है जिसके लिए केंद्र सरकार करीब करीब 2416 करोड़ रुपए जारी की जिसमें से राजधानी पटना के लिए 408 करो रुपए जारी किए गए बाकि के शहरों के लिए दो हजार आठ करोड़ दिए गए हैं जो कि बाकी के शहरों के लिए दिए गए हैं।

 

 

इस धनराशि के तहत करीब 30% राशि बिहार के शहरों की मुख्यमंत्री शहरी पेयजल निश्चय योजना पर खर्च किया जाएगा वायु प्रदूषण को घटाने को लेकर किया जाएगा जिसके तहत अतिक्रमण मुक्त हुआ शहर खुले मैदान को ठीक करना जल्द निकासी का तालाबों का का विकाश डोर टू डोर कचरा कचरा का प्रबंधन कचरा से कंपोस्ट बनाने की योजना पर काम किया जाएगा अब देखना होगा कि खरा उतरता है बिहार के शहर की आधारभूत संरचना और प्रदूषण मुक्त करने को लेकर