राजधानी पटना का यह मोहल्ला होगा कोरोना से आजाद कोरोना के वजह से किया गया था सील

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पुरे बिहार में राजधानी पटना में कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे है बैसे में राजधानी पटना के बहुत सारे इस तरह के भी महल्ले है जिन्हे पूरी तरह से सील कर दिया गया था साथ ही आम गतिविधि भी रोक दी गई थी राजधानी पटना में करीब करीब 24 मोहल्ले थे जिन्हे पूरी तरह से सील किया गया है लेकिन आने वाले दिनों में इनमे से करीब 7 मोहल्ला को अब छूट दी जाएगी आम ज़िन्दगी ज़ीने के लिए आपको बता दू की इन मोहल्लों में आखिरी मरीज मिलने के 28 दिन पूरे होने वाले हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम इस पर मंथन कर रही है। सूची तैयार होने के साथ मोहल्ले की पड़ताल के बाद जिला प्रशासन का निर्देश मिल सकता है।

राजधानी पटना के खाजपुरा के साथ साथ 7 कंटेनमेंट जोन के लोगो को काफी उम्मीद है की उन्हें अब राहत दी जाएगी आपको बता दू की इन महल्ला में हाल के दिनों में कोई नया केस नहीं देकने को मिला है आपको यह भी बता दू की बहुत सारे मोहल्ला है जिनके समय सिमा पूरा होने वाला है इन सभी को लेकर सरकार समीक्षा कर रही है अगर सब कुछ ठीक रहा तो अभूत जल्द ही इन मोहल्ला से पाबन्दी को हटा लिया जाएगा डीएम कुमार रवि ने हाल ही में कई कंटेनमेंट जोन को खत्म भी किया है।

आपको अब बता दू की राजधानी पटना में खाजपुर से लेकर पटना सिटी तक कंटेनमेंट जोन है अभी जो है फुलवारीशरीफ की बिरला कॉलोनी में 28 अप्रैल को कंटेनमेंट जोन बनाया, गया जिसमें लगभग 360 लोग प्रभावित हुए। न्यू पाटलिपुत्र कॉलोनी के रोड नंबर एक को 27 अप्रैल को कंटेनमेंट जोन बनाया गया इसमें लगभग 210 लोग प्रभावित हुए। वही दूसरी तरफ खाजपुरा बिचली गली को 18 अप्रैल को कंटेनमेंट जोन बनाया गया। यहां 1290 लोग प्रभावित हुए। रुपसपुर धनौत में 22 अप्रैल को कंटेनमेंट जोन बना। इसमें 236 लोग प्रभावित हुए। नौबतपुर में 28 अप्रैल को शुभ कुंडा को सील किया गया। यहां 800 प्रभावित हुए। साथ ही राजाबाजार के चाणक्यपुरी में 27 अप्रैल को कंटेनमेंट जोन बना, जिसमें 65 लोग प्रभावित हुए। यहीं के अशोक टावर के सामने 27 अप्रैल को कंटेनमेंट जोन बनाया गया, इसमें भी 40 लोग प्रभावित हुए।