बिहार का नालंदा यूनिवर्सिटी 800 साल बाद फिर से दुनिया को देगा ज्ञान, विदेशी छात्र भी ले रहे हैं नामांकन जानिए

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नालंदा विश्वविद्यालय एक ऐसा विद्यालय जो कभी अपने ज्ञान के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता था लेकिन कुछ ऐसा हुआ कि नालंदा विश्वविद्यालय पूरी तरह से अपनी अंतिम सांसे गिन रहा था, लेकिन एक बार फिर से नालंदा विश्वविद्यालय को कुछ प्रयासों से जीवंत किया गया है और पूरे 800 साल बाद फिर से नालंदा विश्वविद्यालय पूरी दुनिया को ज्ञान देगा।

विद्यालय पर नजर डाले तो 450ई पांचवी सदी में गुप्त काल के दौरान कुमारगुप्त ने नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना की थी जिसमें उस समय 10,000 देशी और विदेशी छात्र रह कर पढ़ाई करते थे कभी नालंदा विश्वविद्यालय पूरी दुनिया के लिए ज्ञान का सबसे बड़ा केंद्र हुआ करता था।

वही अभी अगर नालंदा विश्वविद्यालय पर नजर डाले तो आपको बता दूं कि नालंदा विश्वविद्यालय का भव्यता और इसकी गरिमा फिर से वापस आ चुकी है। अभी फिलहाल नालंदा विश्वविद्यालय का भव्य इमारत लोगों को देखने के लिए मिल रहा है वही अभी नालंदा विश्वविद्यालय में 31 देश के छात्र पढ़ाई कर रहे हैं इसमें वर्तमान में 180 विदेशी छात्र और 630 भारतीय छात्र रह कर शिक्षा ले रहे हैं।

उदय सोमवार को नालंदा विश्वविद्यालय में कार्यक्रम हुआ इसको लेकर विश्वविद्यालय के कुलपति सुनैना सिंह ने कई जानकारी दी कहा कि हमारे प्रोग्राम कई कैंपस से 2019 से चल रहे हैं लेकिन नालंदा की धरती पर 800 साल बाद छात्र शिक्षा ले रहे हैं आपको बता दूं कि नालंदा विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों का प्लेसमेंट 100 प्रतिशत प्लेसमेंट बताया जा रहा है।