राजधानी पटना की आबोहवा होगी साफ़, खर्च किए जाएंगे 213 करोड़ जानिए

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बिहार की राजधानी पटना देश की सबसे प्रदूषित शहरों में से एक है। वही अब दूसरी तरफ राजधानी पटना की आबोहवा अब आपको पूरी तरह से साफ दिखेगी। दरअसल आपको बता दूं कि पटना नगर निगम की तरफ से वर्ष 2022 से 2023 के वित्तीय वर्ष में करीब करीब 1740 करोड़ 83 लाख रुपए का बजट पास किया गया है। वहीं इस बार के वित्तीय वर्ष यानी कि 2022 से 2023 के बजट में फोकस राजधानी पटना में प्रदूषण कम करना, वही आपको बता दूं कि पटना नगर निगम का पिछले साल के अनुसार इस साल बजट का आकार बढ़ा है। जहां पर बताया जा रहा है कि पिछले वर्ष पटना नगर निगम का बजट 1528 करोड़ था, वहीं इस वर्ष 1740 करोड़ के आसपास पहुंच गया है।

वही दूसरी तरफ पटना की आबोहवा साफ करने के लिए और पटना को प्रदूषण से निजात दिलाने के लिए, इस वित्तीय वर्ष के बजट में कुल 213 करोड रुपए खर्च किए जाएंगे। दरअसल शुक्रवार को नगर निगम मुख्यालय के सशक्त स्थायी समिति की विशेष बैठक बुलाई इसमें वित्तीय वर्ष 2022 से 2023 बजट का प्रारूप रखा गया।

वही आपको बता दूँ की इस वित्तीय वर्ष के बजट में पटना नगर निगम पर्यावरण संरक्षण और बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रण करने पर फोकस करने वाली है। बताया जा रहा है कि 213 करोड रुपए खर्च किए जाएंगे जहाँ पर पटना में प्रदुषण को काम करने के लिए कई कार्य किये जायेंगे,  जिसके तहत कंपोस्ट प्लांट, रिसाइकल प्लांट, कचरे से ऊर्जा उत्पादन सड़क और फुटपाथ की सफाई।

इसके साथ-साथ 75 वार्डों में दो लाख से अधिक पेड़ पौधे लगाए जायेंगे और  हरियाली को बढ़ावा दिया जाएगा जिस पर कुल 167 करोड रुपए खर्च आने का अनुमान है। इसके साथ-साथ नगर निगम के तरफ से मिली जानकारी के अनुसार 18 करोड़ रुपए स्वीपिंग मशीन का रखरखाव और मेंटेनेंस पर खर्च होगा। इसके अलावा न्यू बाईपास सड़क की साफ-सफाई और स्विंग मशीन भी उपलब्ध कराया जाएगा। कदमकुआं वेंडिंग जोन के अधूरे कार्य को पूरा करने के लिए 8 करोड़ 65 लाख रुपये खर्च होंगे। तालाबों के जीर्णोद्धार पर आठ करोड़ 80 लाख, रामाचक बैरिया कचरा प्वाइंट के लिए दो करोड़, लिचेट प्लांट के लिए तीन करोड़ आदि खर्च होंगे।